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Better Solution to Avoid Corona

कोरोना से बचने के लिए बेहतर उपाय

सबसे आग्रह है कि रोजाना दो बार सुबह शाम 5 5 मिनट अनुलोमविलोम और भ्रस्तिका प्रायाणाम जरूर करें।

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इससे बेहतर कोई उपाय नहीं है।

*रोजाना सिर्फ 10 मिनट नाड़ीशोधन / अनुलोम विलोम, भस्त्रिका प्राणायाम करने से मिलेंगे ये चमत्कारिक स्वास्थ्य लाभ*

प्राणायाम हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और तनाव भरे जीवन के चलते लोगों की जिंदगी से ठहराव मानो कहीं खो सा गया है। सुबह-शाम आॅफिस की भागदौड़ और रोजाना 3 से 4 घंटे जाम में बिताने के बाद किसी के पास इतना वक्त नहीं होता है कि वो अपने स्वास्थ्य के बारे में गंभीरता से सोचे। जिसके चलते आजकल लोग छोटी सी उम्र में ही डायबिटीज (Diabetes), ब्लड प्रेशर ( Blood Pressure), अवसाद(Depression), तनाव (Stress), पाचंन तंत्रिका संबंधी (Digestive system) और दिल से संबंधित रोगों के शिकार हो रहे हैं। इस स्थिति से निकलने का सिर्फ एक ही रास्ता है और वो है अच्छा खानपान और योगाभ्यास। हालांकि हमारे स्वास्थ्य के लिए कई योगासन और प्राणायाम जरूरी हैं। लेकिन सभी प्राणायाम में नाड़ीशोधन / अनुलोम विलोम व भस्त्रिका प्राणायाम सर्वश्रेष्ठ हैं। जिससे बीमार और स्वस्थ सभी कर सकते है। डॉक्टर्स का भी मानना है कि रोजाना मात्र 10 से 15 मिनट प्राणायाम करने से व्यक्ति 90 प्रतिशत तक रोग मुक्त रहता है।

कैसे करें नाड़ीशोधन/ अनुलोम विलोम

आप अपनी पसंद की किसी भी अवस्था में बैठ सकते हैं। सिर्फ इस बात का ध्यान रखें कि इस प्राणायाम को करते वक्त आपकी कमर एकदम सीधी रहे। इसके बाद अपने दाएं हाथ से प्राणायाम मुद्रा बनाएं। अब अंगूठे से दाएं (right) नासिकारन्ध्र (nostril passage) को बंद कर ले फिर बाएं नाक से (left nostril) धीरे – धीरे स्वांस अंदर भरना शुरू करें जब पेट पूरा भर जाए तब दाएं नाक (right nostril) से साँस धीरे – धीरे बाहर छोड़ दे नाभि अंदर खींचे। फिर सांस को दाएं नाक (right nostril) से लेना शुरू करें पूरा पेट भरने पर बाएं नाक (left nostril) से सांस को बाहर छोड़ते हुए नाभि अंदर खिंचे। उड्डियान बंध लग जाए। इस तरह से एक चक्र पूरा होता है। इसी तरह से 5 से 10 मिनट तक अभ्यास करते रहें। अपने बाएं हाथ (left hand)को बाएं घुटने (left knee) पर ज्ञान मुद्रा (पहली अंगुली और अंगूठे का टिप मिला हुआ) में रखे। बाकी की उंगलियों को एकदम सीधा रखें। इस अवस्था में आपकी हथेली का पिछला हिस्सा घुटने पर रखा रहेगा।

आप खुद अनुभव करेंगे आपको ये करते वक्त बहुत आराम मिल रहा है। जब आप सांस अंदर लेंगे तो आपका पेट धीरे-धीरे बाहर आएगा और जब आप सांस छोड़ेंगे तो पेट धीरे-धीरे अंदर जाएगा। सांस अंदर लेते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपके पेट और फेफड़ों में वायु भर रही है। और जब सांस छोड़ रहे हैं, तो इस भावना को प्रबल करें कि ऊपर से खाली होते-होते पेट अंत तक खाली होता चला जा रहा है और स्वांस के साथ सभी बिंमारियाँ भी बाहर निकल रही है । शुरुआत में इसकी अवधि सिर्फ 5 मिनट रखें।

चमत्कारी लाभ-

■ हमारे शरीर में 720864 नाड़ियां है, जिनकी प्रत्येक की शुद्धि करता है।

ह्रदय रोगियों के लिए रामबाण है।

■ इसके अभ्यास से चेहरे पर ओज और तेज आता है।

■ नींद न आना, सिरदर्द, तनाव ,मन की चंचलता, अवसाद ,नसों की कमजोरी जैसे रोगों में बहुत ही लाभकारी है। दिमाग तेज होता है। याददास्त बढ़ाता है।

— आजकल दूषित खानपान और तनाव के चलते लोगों की पाचन क्रिया बहुत कमजोर होती जा रही है। यह तो आप जानते ही होंगे कि 99 प्रतिशत रोग पेट से होते हैं। जो लोग रोजाना नियमित रूप से अनुलोम विलोम करते हैं उनकी पाचन क्रिया दुरुस्त होने के साथ ही भूख भी बढ़ती है।

— प्राणायाम करने से शरीर की समस्त नाड़ियां दुरूस्त और निरोग बनती हैं। इसके साथ ही इस प्राणायाम को करने वाले लोग मौसमी बीमारियों से भी दूर रहते हैं।

— नियमित ब्रह्म योग का अभ्यास करने से तनाव से मुक्ति मिलती है और हम ना सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहते हैं।

— अनुलोम विलोम अपने रक्त संचार को भी स्थिर रखता है। इस प्राणायाम को रोजाना करने वाले लोग यदि किसी लंबी यात्रा पर फिर कहीं पहाड़ पर चढ़ते हैं तो उनका रक्त संचालन शरीर के अनुकूल रहता है।

— वात, पित्त, कफ की दिक्कत होने पर हम कई बीमारियों की चपेट में आने लगते हैं। यह त्रिदोष को नाश करने वाला है।

— सर्दियों में गठिया और जोड़ों में दर्द की समस्या बहुत प्रचंड रूप ले लेती है। अनुलोम विलोम करने से गठिया, सूजन और जोड़ों का दर्द कुछ ही दिनों में सही हो जाता है।

— सर्दी, जुकाम (Cold), वायरल फीवर, दमा (Asthma), फेफड़े और श्वास जैसे रोगों के लिए भी रामबाण इलाज है।

— शरीर में मौजूद दूषित हवा और जहरीले कीटाणुओं को भी बाहर निकालता है।

अनुलोम विलोम करते वक्त ये सावधानी बरतें

— हालांकि इसको करने के लिए कोई निषेध नहीं है। लेकिन यदि आप इस को पहली बार करना शुरू कर रहे हैं तो कोशिश करें कि किसी योग गुरु की निगरानी में आप इसे करें। क्योंकि कई बार जो चीजें हमें देखने पर समझ आ जाती हैं उन्हें करने का सही तरीका कुछ और ही होता है।

— हमेशा कोशिश करें कि प्राणायाम को या तो सुबह करें और या शाम को सूर्यास्त के बाद करें। दोपहर में भोजन के आस-पास बिल्कुल ना करें। अब आपको सकारात्मकता चाहिए तो आप दोपहर के भोजन के कम से कम 3 घंटे बाद इसे कर सकते है।

यदि अपने व्यस्त जीवन में से 24 मिनट ब्रह्म योग के अभ्यास करने के लिए देंगे तो आपको सम्पूर्ण शारिरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य की प्राप्ति होगी। निःशुल्क ब्रह्म योग सीखने के लिए या #योग / आध्यात्म से जुड़ी किसी भी शंका के निवारण के लिए सम्पर्क कर सकते हैं।

शुभेच्छु

ब्रह्मऋषि गीतानन्द आश्रम।

 

 

Better Solution to Avoid Corona 

Everyone is requested to do Anulomvilom and Bhrastika prayanam twice daily at morning 5 5 minutes.

There is no better solution than this to increase immune capacity.

* You will get these miraculous health benefits by doing Nadishodhan / Anulom Vilom, Bhastrika Pranayama for only 10 minutes daily *

Pranayama is very beneficial for our health. Today’s running life, irregular catering and stressful life, stop from people’s lives as if they are lost somewhere. After a morning-evening run to the office and spending 3 to 4 hours a day in a jam, no one has enough time to think seriously about their health. Due to which people are suffering from diabetes, blood pressure, depression, stress, digestive system and heart related diseases at a young age. There is only one way to get out of this situation and that is good catering and yoga. Although many Yogas and Pranayama are necessary for our health. But in all Pranayama Nadishodhan / Anulom Vilom and Bhastrika Pranayama are the best. From which all the sick and healthy can do. Doctors also believe that by doing pranayama for just 10 to 15 minutes daily, the person is 90 percent free of disease.

How to do Nadishodhan / Anulom Vilom

You can sit in any state of your choice. Just keep in mind that while doing this Pranayama, your waist should be straight. Then make Pranayama Mudra with your right hand. Now close the nostril passage from the thumb to the right, then start breathing slowly from the left nostril. When the stomach is full, then the right nostril is breathing out slowly. Leave the navel and pull inside. Then start taking the breath from right nostril. After filling the stomach, pull the breath out of left nostril and pull the navel inside. Let the aviation be closed. This is how a cycle is completed. Practice like this for 5 to 10 minutes. Put your left hand on left knee in knowledge pose (first finger and thumb tip). Keep the rest of the fingers straight. At this stage the back of your palm will be kept on the knee.

You’ll experience it yourself. You’re very relaxed while doing it. When you breathe in, your stomach will slowly come out and when you breathe, your stomach will slowly go in. While breathing in, keep in mind that your stomach and lungs are filling air. And when breathing, reinforce the feeling that the stomach is finally empty and all the illnesses are coming out along with the breath. Keep its duration just 5 minutes at the beginning.

Miraculous Benefits –

■ There are 720864 pulses in our body, each of which purifies.

It is a panacea for heart patients.

■ Practice makes the face oz and sharper.

■ It is very beneficial in diseases like not getting sleep, headache, stress, mind playfulness, depression, nerves weakness. The mind is sharp. The memory increases.

– Nowadays, due to contaminated catering and tension, people’s digestion is becoming very weak. You must have known that 99 % of the diseases occur from the stomach. Those who do Anulom Vilom daily, their digestion is repaired as well as hunger increases.

– By doing Pranayama, all the pulses of the body are corrected and healthy. Along with this, people who do this Pranayama stay away from seasonal diseases.

– Practicing Brahma Yoga regularly relieves stress and we are not only physically but also mentally healthy.

– Anulom Vilom keeps his blood communication stable too. People who do this Pranayama daily, if they climb a mountain on a long journey, then their blood operations remain in favor of the body.

When there is a problem of vat, bile, cough, we start getting under the grip of many diseases. This is going to destroy the Tridosh.

– The problem of arthritis and joint pain in winter takes a very severe form. Anulom vilom cures arthritis, swelling and joint pain in a few days.

– There is also a panacea for diseases like cold, cold, viral fever, asthma (Asthma), lungs and breathing.

– also removes contaminated air and poisonous germs in the body.

Be careful while doing Anulom Vilom

– No prohibition to do it though. But if you are starting to do it the first time then try to do it under the supervision of a Yoga Guru. Because sometimes the right way to do the things we see is something else.

– Always try to do Pranayama either in the morning or in the evening after sunset. Don’t do around lunch at all. If you want positivity now you can do it at least 3 hours after lunch.

If you give 24 minutes out of your busy life to practice Brahma Yoga, you will get complete physical and mental health. To learn Brahma Yoga for free or to get rid of any doubt related to #Yoga / spirituality, you can contact.

Good luck

Brahma Rishi Geetananda Ashram.

 

ब्रह्मऋषि गीतानन्द आश्रम का संदेश

करोना से डरोना ।

हरि ॐ जाप करोना ।

करोना से डरोना ।

गुरु मंत्र जाप करोना ।

करोना से डरोना ।

शाकाहारी भोजन करोना ।

करोना से डरोना ।

भारतीय संस्कृति का पालन करोना ।

Message of Brahma Rishi Gitananda Ashram

Don’t be afraid of Corona.

Chant Hari Om.

Don’t be afraid of Corona.

Chant Guru Mantra.

Don’t be afraid of Corona.

Vegetarian food Corona.

Don’t be afraid of Corona.

Follow the Indian culture.