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Bhavanjali

सद्गुरु गीतानन्द जी के चरणों में #भावांजलि।

तुम ना आये फिर भी तुम्हारी यादों ने,

इस जीवन को महका दिया।

अंधेरों में थी मेरी ज़िंदगी, पर फिर से जल उठा,

उम्मीद की रौशनी का दिया।।

दुनियाँ के सब स्वाद हैं फीके,

जब से प्याला भक्ति रस का पिया।

तुम बिन होली के रंग भी फीके,

कैसे दे रौशनी इस दीवाली का दिया।।

पूजा जप तप योग ना जानूँ,

मैंने तो विश्वास तेरे वचन का किया।

हर स्वांस में तुम हो, सुख दुख ये जीवन,

सब तेरे नाम है किया।।

कभी तो मिलोगे फिर से, याद तो तुमको भी होगा,

जो वादा था किया।

कृष्णा के कृष्णा गीतानन्द, आ जाओ अब,

बुझने से पहले इस जीवन का दिया।।

ॐ सर्वात्मने गीतानन्दाय नमः।

हरि ॐ।।

 

At the feet of Sadguru Geetanand ji #Bhavanjali.

You did not come but your memories,

Made this life fragrant.

My life was in darkness, but it was burnt again,

The light of hope. ।

All the flavors of the world are faded,

Ever since I drank a cup of devotional juice.

Without you the colors of Holi also fade,

How to light this Diwali. ।

Don’t know about worship, penance, yoga,

I believed your word.

You are in every breath, this life is happiness and sorrow,

Everything is in your name. ।

Someday you will meet again, you will also remember,

Did what was promised.

Krishna’s Krishna Geetananda, come on now,

The lamp of this life before it goes out. ।

I bow down to all the songs.

Hari Om. ।