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Independence Day

याद रखे….

हम कितनी चीजों को अथवा अवगुणों को आसानी से छोड़ सकते है, उसकी गणना से ही हमारी #स्वतंत्रता मापी जाती है..!

-ब्रह्मऋषि गीतानन्द सरस्वती-

#Independence_Day #Yoga #India #Facebook

Remember….

Our #freedom is measured by the calculations of how many things or demerits we can leave easily..!

– Brahma Rishi Geetananda Saraswati –

 

 

सद्गुरु ब्रह्मऋषि गीतानन्द जी के उपदेश से, #स्वतंत्रता #दिवस पर विशेष।

आप सभी जानते हैं कि अनेको वर्षों के संघर्ष और अनेको बलिदानों के फलस्वरूप #भारत देश तो आज़ाद हो गया । पर आपने कभी सोचा है कि क्या हम #आज़ाद है?

नहीं,,,

हम आज भी गुलाम हैं नकारात्मक विचारों के,

हम आज भी गुलाम हैं, लोभ, क्रोध, अहंकार, ईर्ष्या, द्वेष, चुगली, दूसरों को नीचा दिखा कर खुद को श्रेष्ठ साबित करने की बुरी मानसिक भावनाओं के,

हम आज भी गुलाम हैं मांसाहार, बीड़ी, सिगरेट, शराब आदि नशे की बुरी आदतों के,

हम गुलाम है अपनी वाणी के, तभी तो झूठ बोलते है, कटु वचन बोलकर दूसरों को कष्ट पहुँचाते है,

हम गुलाम हैं अपने मन के तभी तो मन की वासनाओ की पूर्ति के लिए कभी कभी बिना विचारे गलत कार्य कर बैठते है, फिर बाद में पश्चाताप करते हैं।

हम आज भी गुलाम हैं तभी तो प्राचीनतम एवं श्रेष्ठ सनातन हिन्दू संस्कृति, हिंदी भाषा को तुच्छ जानकर पाश्चात्य संस्कृति और वेश भूषा का अनुकरण करते है। जबकि अनेक पाश्चात्य नागरिक आज भी हमारी संस्कृति से प्रभावित होकर, हिंदी तथा संस्कृत सीख रहें है और भगवद्भक्ति द्वारा अपना जीवन सफल कर रहें हैं। क्योंकि वे जान चुके हैं कि शान्ति और सुख भोगों में नहीं अपितु भक्ति और अपने अच्छे कर्मों तथा व्यवहार द्वारा दूसरों को सुख पहुँचाने में है।

सद्गुरु ब्रह्मऋषि गीतानन्द के अनुसार हम कितनी चीजों को, कितने अवगुणों को आसानी से छोड़ सकते है, उसकी गणना से ही हमारी स्वतंत्रता मापी जाती है..!

आप सभी अपनी बुरी आदतों का त्याग कर और सदगुणों को ग्रहण कर, एक अच्छे #इंसान बन कर पूर्ण #स्वतंत्रता का #सुख अनुभव करने के लिये आमंत्रित हैं।

आज से ही आप अपने अवगुणों को त्यागने और सदगुणों को अपनाने का संकल्प लीजिये । सबसे मीठा बोलने का, सामर्थ्य अनुसार सबकी मदद करने का संकल्प लीजिये।

प्रतिदिन सदगुरु ब्रह्मऋषि गीतानन्द जी द्वारा उपदेशित ब्रह्म योग दीक्षा का अभ्यास एवम गुरु मंत्र अथवा हरि ॐ का अभ्यास कीजिये।

आप पाएंगे जितना सुख आप अपने अच्छे व्यवहार के द्वारा दूसरों को देंगे उससे कहीं ज्यादा सुख और शान्ति आप अपने भीतर अनुभव करेंगे।

आप महसूस करेंगे कि आपके नकारात्मक विचार समाप्त हो गए हैं, BP रक्तचाप सामान्य हो गया है, नींद अच्छी आने लगी है। इस विधि द्वारा आप शारीरिक, मानसिक और आत्मिक रूप से स्वस्थ एवम स्वतंत्र महसूस करेंगे।

ज़रूरत है तो केवल सत्संकल्प द्वारा अवगुणों को छोड़ने की और सदगुणों को अपनाने की।

क्या आप तैयार है?

अवगुण हटाएँ सतगुण अपनाएँ।

आओ मिलकर सतयुग बनाएँ।।

आप हमारे साथ ज्ञान और सफलता के पथ पर अपनी यात्रा का आरंभ करनें और वास्तविक खुशी / दिव्य शान्ति की खोज करनें के लिए आमंत्रित हैं।

स्वतंत्रता दिवस की #शुभकामनाएं।

शुभेच्छु:

ब्रह्मऋषि गीतानन्द आश्रम।।

 

 

#Independence_Day #Yoga #Lifestyle #Health #India #Bharat

With the sermon of Sadguru Brahma Rishi Geetanand ji, special on #Independence Day.

You all know that as a result of many years of struggle and many sacrifices #India has become free. But have you ever wondered if we are #free?

Nope,,,

We are still slaves of negative thoughts,

We are still slaves of greed, anger, ego, jealousy, malice, gossip, bad mental feelings of proving ourselves superior by degrading others,

We are still slaves of bad habits of non-vegetarian, bidi, cigarettes, alcohol etc.

We are slaves of our speech, that’s why we lie, we hurt others by speaking bitter words,

We are slaves of our mind, that is why sometimes we do wrong things without thinking to fulfill the desires of our mind, then regret later.

We are slaves even today, that is why we imitate western culture and costume by considering the ancient and best Sanatan Hindu culture, Hindi language. While many western citizens are still being influenced by our culture, learning Hindi and Sanskrit and making their lives successful by Bhagavadbhakti. For they have known that peace and happiness is not in enjoyment but in devotion and in making others happy through their good deeds and behavior.

According to Sadguru Brahma Rishi Geetananda, our freedom is measured by the calculations of how many things, how many demerits we can easily leave..!

All of you are invited to sacrifice your bad habits and accept the virtues, become a good #human being and experience the #happiness of complete #freedom.

From today onwards, take a pledge to sacrifice your demerits and adopt good qualities. Take a pledge to help everyone according to your ability to speak the sweetest.

Practice Brahma Yoga Deeksha preached by Sadguru Brahma Rishi Geetanand ji and practice Guru Mantra or Hari Om everyday.

The more happiness you will get, the more happiness you will give to others through your good behavior, the more happiness and peace you will experience within yourself.

You’ll realize your negative thoughts are over, BP blood pressure is normal, sleep is starting to get better. With this method you will feel physically, mentally and spiritually healthy and independent.

If there is a need only to leave the demerits by Satsankalp and adopt the virtues.

Are you ready?

Remove demerits and adopt good qualities.

Let’s make Satyug together. ।

You are invited to begin your journey on the path of knowledge and success with us and explore true happiness / divine peace.

#Happy Independence Day.

Best wishes:

Brahma Rishi Geetananda Ashram. ।

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Brahmrishi Geetanand Ashram