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Prayer – प्रार्थना।

गुरु भगवान् ब्रह्मऋषि गीतानन्द जी के पावन चरणों में सभी भक्तजनों की ओर से प्रार्थना।।

जानता हूँ की इस दुनिया में, सिर्फ तुम हो, मैं नहीं,

फिर भी मेरी, मैं ने, तुम को ढक दिया।

काम क्रोध मद लोभ मोह से,

जन्म मरण सुख दुख के भव जाल को बुन दिया।

भटकता था अंधेरों में गुरु गीतानन्द तुम बिन,

शरणागत हो ये जीवन अब तुम्हारे नाम कर दिया।

कृपा करो ऐसी कि मेरी मैं मिट जाए,

जले तुम्हारे ज्ञान की रौशनी का दिया।

युग युग में हो अवतरित तुमने,

भव पार लाखों पतितों को किया।

ओ कृष्णा के कृष्णा गुरु गीतानन्द,

मैंने अमृत तेरी भक्ति का पिया ।

चाहे डुबा दो चाहे तार दो,

मैंने तो सहारा तेरे नाम का लिया।।

ॐ ह्रीं परम ब्रह्म परम गुरु गीतानंदाय नमः।

ॐ परं गुरु रामानन्दाय नमः।

ॐ सर्वेभ्यो गुरुभ्यो नमो नमः।

Prayers on behalf of all the devotees in the holy feet of Guru Bhagwan Brahma Rishi Geetanand ji. ।

I know that in this world, there is only you, not me,

Still mine, I, got you covered.

Work, anger, greed, fascination,

Birth, death, happiness, sorrow, weave the trap.

Guru Geetanand used to wander in the darkness without you,

May this life be surrendered to you now.

Bless me so that I can vanish,

Burn the lamp of your knowledge.

You have been descended in this era,

I have crossed millions of patriots.

O Krishna Guru of Krishna, Geetananda,

I drank the nectar of your devotion.

Whether you drown or give wire,

I have taken support of your name. ।

Om Hari Param Brahma Supreme Guru Geetanandaya Namah.

I bow down to Guru Ramanandaya.

ॐ सर्वेभ्यो गुरुभ्यो नमो नमः।